राजनीति के खेल बहुत ही निराले होते हैं, हर एक बयान और उसका टाइमिंग का बड़ा ही महत्व होता है|

हाल ही में वरुण गांधी द्वारा दिया गया एक ऐसा ही बयान सामने आया| वरुण गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक काफी साहसी और उच्च कोटि की राजनीतिक महिला थी| इंदिरा गांधी की तारीफों के पुल बांधते हुए वरुण गांधी ने यहां तक कह दिया की इंदिरा गांधी देश की मां समान थी|

वरुण गांधी का यह बयान एक हद तक तो समझ में आता है क्योंकि वह इंदिरा गांधी के पोते हैं, एक बार यह भी मान लेते हैं कि भले ही इंदिरा गांधी कांग्रेस की थी और वर्तमान में वरूण गांधी भाजपा के नेता है परंतु रिश्ता खून का है तो ऐसी सम्मानजनक बातें करना कोई बड़ी बात नहीं|

परंतु यहां कहानी का एक दूसरा पहलू भी है, इसके पहले वरुण गांधी ने कभी इंदिरा के लिए ऐसे शब्द नहीं बोले। शायद बहुत लोगों को पता है कि वरुण की मां मेनका गांधी और इंदिरा गांधी में रिश्ते खट्टे हो गए थे और इंदिरा ने मेनका को घर से निकाल दिया था| तो आप अब यह सोचिए कि अचानक से वरुण गांधी को यह इंदिरा प्रेम कहां से जाग पड़ा?

मित्रों मैं बताता हूं आपको, स्वघोषित हिंदूवादी छवि वाले वरुण गांधी अपने आप को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का एक चेहरा मानते थे और उन्होंने बकायदा इसके लिए अपने चेले चपाटे भी खड़े कर दिए थे, या यूं कह लीजिए कि भाजपा के भीतर ही उन्होंने गुटबाजी कर ली थी| परंतु भाजपा हाईकमान ने इस बात को बहुत पहले से भाप लिया और रक्षा सौदे में घोटाले में नाम आने के बाद यह बात तय हो गई कि वरुण गांधी भी कोई दूध के धुले हुए नहीं हैं| उत्तर प्रदेश के चुनाव के दौरान वरुण गांधी को कोई अहमियत नहीं दी गई ना ही उन्हें स्टार प्रचारक का भी दर्जा मिला| दूसरी और कांग्रेस वर्तमान परिस्थितियों में नेतृत्वहीन हो चुकी है|

वरुण गांधी इस बात को बहुत अच्छे से जानते हैं इसीलिए उन्होंने इंदिरा गांधी पर ऐसा बयान दिया है क्योंकि उन्हें अब कांग्रेस में एक अवसर दिख रहा है| दूसरी ओर कांग्रेस के ऊपर हिंदू विरोधी छवि होने का भी दाग लगा हुआ है| कांग्रेस हमेशा से संजय गांधी को अपना आदर्श मानती आई है| वरुण गांधी की छवि एक कट्टरवादी हिंदू की रही है| अब आप पूरा गणित समझ लीजिए इसी में भविष्य के राजनीति का दृश्य साफ हो जाएगा| घबराइए नहीं भाजपा आलाकमान यह बात भली भांति जानते है इसीलिए उन्होंने अभी तक वरुण गांधी को कभी कोई महत्व नहीं दिया|