हमारे एक चाचा जी जो पुराने कांग्रेसी है उन्होंने मुझसे एक बार पूछा :इस मोदी सरकार में तुमको क्या फर्क महसूस हुआ ।

मेरा जवाब: कल तक जो युवा वर्ग अपने आप को राजनीति एवं सरकार से कोसों दूर समझता था आज वह कदम आगे बढ़ाकर सरकार की नीति की समीक्षा एवं हर चीज पर हर पहलू पर अपने विचार रख रहा है, युवा वर्ग का राजनीति और सरकारों में आगे कदम बढ़ाना यह मोदी सरकार की सबसे बड़ी क्रांति और जीत है ।

11 सितंबर 2017 दिल्ली का विज्ञान भवन कई युवा और हमारे माननीय प्रधानमंत्री के मौजूदगी में वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा, स्वामी विवेकानंद जी के शिकागो में दिए हुए ऐतिहासिक भाषण के 125वें वर्ष पर यह आयोजन किया गया ,साथ ही साथ माननीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सभी जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर यह कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

सबका साथ सबका विकास नारा देने वाले माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा भारत नया भारत का मूलमंत्र युवाओं को दिया एवं युवा वर्ग को किस तरह सरकार और उनके कामकाजों से जोड़ा जाए इसकी अनेक व्यवस्थाएं बताई. यह बात देख कर मुझे काफी आनंद होता है की यह युवा वर्ग अब सरकार और उनके कामकाज मैं रुचि रखने लगा है कुछ समय पहले की ही बात थी युवाओं में काफी निराशा थी । देश में ऐसी सरकारी थी कि उसमें युवाओं का कोई खास रोल नहीं होता ,और युवा वर्ग भी केवल सरकारों के कामकाज पर निंदा किया करती थी ।

भ्रष्ट नेता और बिके रुऐ पत्रकारों की टोली अब युवा वर्ग के मूर्ख नहीं बना सकते ।

2014 के बाद श्री नरेंद्र मोदी के रूप में भारत को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो 16 से 18 घंटे खुद काम करके देश के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं, 14 साल से लेकर 40 साल तत् के लोगों की रुचि राजनीति एवं लोकतंत्र प्रक्रिया में अब काफी हद तक बढ़ चुकी है, यह देश की राजनीति और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र माने जाने वाले भारत के उज्जवल भविष्य के लिए काफी अच्छे संकेत है, मैं इस बात का पूरा श्रेय श्री नरेंद्र मोदी और आजकल के सोशल मीडिया युग को देना चाहूंगा ।

विज्ञान भवन में हुए इस समारोह में भ्रष्टाचार, जातिवाद, कानून व्यवस्था न्याय प्रणाली, इन सब विषयों पर युवाओं द्वारा गंभीर रूप से चर्चा और अपनी बात रखने का अवसर मिला । प्रधानमंत्री के अलावा इस समारोह में श्री रवि शंकर प्रसाद जी, श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एवं अन्य लोगों ने अपनी बात युवा वर्ग तक पहुंचाएं । इस तरह के समारोह से और वार्तालाप से युवा वर्ग अपने आपको सरकार से करीब मानता है एवं उसमें यह सोच पैदा होती है कि उसने भी देश के लिए कुछ योगदान दिया ।