मुझे काफी खुशी होती है जब मैं यह देखता हूं कि देश के वर्तमान राजनीति में कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने गांधारी की तरह आंखों पर पट्टी नहीं बांध रखी है| 2014 के बाद से देश में एक ऐसा माहौल बना है जब धर्म के नाम पर होनेवाले सेक्युलर राष्ट्र विरोधी ताकतों की धज्जियां उड़ाने वाले नेताओं की प्रजाति अब बढ़ चुकी है|

ऐसे ही नेताओं में से एक हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह| भोपाल में आयोजित एक समारोह में उन्होंने खुले अंदाज में एक कड़वी सच्चाई सबके सामने रखी जिसे हम कई वर्षों से नकार रहे थे| देश में घटते हुए हिंदुओं की संख्या पर चिंता करते हुए और राष्ट्र विरोधी ताकतों पर बात करते हुए श्री गिरिराज सिंह ने कहा, कि यह काफी चिंता का विषय है कि हम राष्ट्र को किस ओर ले जा रहे हैं और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर जो राष्ट्र विरोधी नारे लग रहे हैं उस पर गहरी चिंता होनी चाहिए|

देश में सेक्युलरिज्म के नाम पर होने वाली अन्याय पर उन्होंने कहा कि “जहां एक और उनके गांव में मंदिरों से आवाज काफी कम आती है, तो दूसरी ओर मस्जिद से अजान की आवाज इतनी जोरो की होती है कि अगर अल्लाह नींद की गोलियां अभी खाकर सोया होगा तो भी जग जाएगा,” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का यह बयान उन तथाकथित मौलवियों और सेकुलरवादी नेताओं पर एक तमाचा है जो एक और हिंदुओं की आस्था को न्यायालय में चुनौती देते हैं और दूसरी ओर इस्लाम के कट्टरपंथी और पुरानी विचारधाराओं पर चुप्पी साधे हुए हैं”|