हताश और निराश कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए अपनी पुरानी घटिया राजनीति फिर से शुरू कर दी है| कर्नाटक चुनाव में मैदान पर उतरे भाजपा के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ की हिंदूवादी और विकासशील छवि को इतना सपोर्ट मिला है कि कांग्रेस अब तिलमिला चुकी है, उसे अब कर्नाटक में भी अपनी सरकार जाते हुए दिख रही है| इसलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि बिगाड़ने की कोशिश करते हुए कांग्रेस के ऑफिशल ट्विटर हैंडल ने एक बेहद आपत्तिजनक और बेबुनियाद वीडियो जारी किया है|

गौरतलब है वीडियो में आप देखेंगे कि किस प्रकार से योगी जी की छवि को ठेस पहुंचाने के लिए गलत तथ्यों का सहारा लिया गया और उनका मजाक उड़ाया जा रहा है|

इस वीडियो में जिस क्षण पर यह दिखाया गया है कि योगी जी संसद में रो रहे हैं वास्तव में उस वक़्त कांग्रेस के सहयोगी समाजवादी पार्टी ऊत्तर प्रदेश में 2007 के दंगे योगी जी के उपर आरोप सिद्ध करने पर तुली थी, और एक कर्मठ नेता को बदनाम किया जा रहा था|

कांग्रेस को पहले अपने भीतर झांक लेना चाहिए| 1947 के दंगे या फिर भागलपुर दंगा और 2013 का मुजफ्फरनगर दंगा किसके शासन में हुआ| वर्ष 2012 में हुए आजाद मैदान, मुंबई में दंगे के लिए आज भी कांग्रेस को शर्म नहीं आता|

एक बात तो सिद्ध हो जाती है कि, 2002 के बाद जिस तरह से मोदी जी की बढ़ती हुई लोकप्रियता से कांग्रेस घबराकर अनाप-शनाप बकते रहे उसी प्रकार अब योगी जी की बढ़ती हुई लोकप्रियता से घबराकर वह उल्टे-सीधे कदम उठा रही है|

सत्ता के गलियारों में एक नया सितारा उभर चुका है| मोदी युग के बाद इसे योगी युग की प्रारंभ माना जा सकता है|