करीब 14 साल बाद सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती आतंकी द्वारा किसी वाहन का इस्तेमाल किये जाने पर आतंकवाद विशेषज्ञ पूर्व आईजीपी अशकूर वानी ने कहा कि अब पहले की तरह आतंकी आसानी से हाईवे पर वाहन खड़ा कर उसे रिमोट से नहीं उड़ा सकते। 

इसलिए आतंकियों ने वाहन बम के लिए एक आत्मघाती आतंकी तैयार किया। इसके अलावा हाईवे पर कश्मीर में फ़ोर्स का काफिला जब गुजरता है तो अब पहले की तरह आम नागरिक वाहनों को रोका नहीं जाता।

करीब एक दशक पहले तक जब सुरक्षाबलों का वाहन गुजरता था तो आम नागरिक वाहन उनके काफिले से आगे रहते थे, या काफिले के बिलकुल पीछे। कोई नागरिक वाहन उनके काफिले में घुस नहीं सकता था।

लेकिन अब ऐसा नहीं है। हाईवे पर किसी जगह भीड़ भरे चौक में अगर कोई नागरिक वाहन बीच में घुस आए, उसे रोका नहीं जाता। यही चूक कही जा सकती हैं।

कश्मीर में आतंकवाद विशेषज्ञ वरिष्ठ मुख्तार बाबा ने कहा कि मौसम किसी हद तक आतंकियों के लिए मददगार रहा है। ठण्ड और बारिश के मौसम के चलते हाईवे पर तैनात जवान मुस्तैद नहीं पाए होंगे। यही बात आतंकियों ने ध्यान में रखी होगी।