केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और महंगाई क्षतिपूर्ति में तीन प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बढ़ा भत्ता एक जनवरी 2019 से लागू माना जाएगा। इससे केन्द्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

 इस वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता 12 प्रतिशत हो जायेगा। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है।

इस समय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता नौ प्रतिशत है। बढ़ा हुआ भत्ता एक जनवरी 2019 से लागू होगा। महंगाई भत्ता बढ़ने से केन्द्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारियों और 62.03 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। महंगाई भत्ते की यह वृद्धि 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है। भत्ते में स्वीकार्य फार्मूले के अनुरूप वृद्धि हुई है।

इससे पहले 29 अगस्त 2018 को आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को सौगात देते हुए महंगाई भत्‍ता (DA) दो फीसदी बढ़ा दिया था। उस समय केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 7 फीसदी मिलता था। जिसे बढ़ाने के बाद 9 फीसदी कर दिया गया था।

 बता दें, महंगाई भत्ता की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। उससे पहले मार्च 2018 में सरकार ने दो फीसदी डीए बढ़ाया था। इसे 5 से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया गया था।