गुजरात चुनाव इस वक्त एकदम निर्णायक और दिलचस्प मोड़ पर है, जहां एक और कांग्रेस अपनी डूबती नैय्या को बचाने के जुगाड़ में है तो दूसरी तरफ भाजपा पहले से और भी मजबूत बन कर उभर रही है। यहां आपको बता दें कि कांग्रेस अपनी मजबूरी और अपनी बेवकूफियों को बार बार दोहरा रही है|

कभी राहुल गांधी मंदिर मंदिर घूमकर अपनी दोहरी चरित्र को सामने ला रहे हैं, तो कभी मणिशंकर और अन्य नेता अपने गिरे हुए बयानबाजी को देकर कांग्रेस की नीच राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं|

आज सबसे बड़ी गलती कांग्रेस के प्रवक्ता चरण सिंह सरपंच ने कर दी, एक निजी न्यूज़ चैनल को डिबेट के दौरान उन्होंने कहा, “2002 में हुए दंगो के लिए मोदी जी को जामा मस्जिद में जाकर मुस्लिम समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।” इसके मायने यह निकले कि कांग्रेस पार्टी अपनी गलतियों से बिल्कुल भी सुधरने वाली नहीं और अपने व्यवहार अनुसार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति को कायम रखना चाहती है| गुजरात के मतदाता को यह सोचना चाहिए कि क्या कभी किसी कांग्रेसी ने गोधरा कांड के ऊपर हिंदुओं के समर्थन में ऐसा बयान जारी किया है?

बहरहाल आप यह बात जान ले कि गुजरात की राजनीतिक पिच पर कांग्रेस, नरेंद्र मोदी को नो बॉल पर फुलटॉस डिलीवरी दे रही है, जिसे मोदी जी बखूबी बाउंड्री पर करवा रहे हैं| चरण सिंह सपा के इस बयान बाजी के बाद ध्रुवीकरण होना अब निश्चित है, इस बात से एक तर्क तो निकल कर आ ही रहा है कि गुजरात में विकास या किसी जरूरी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पास बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है| इसलिए वह गाहे बगाहे फिर से वही पुराना राग अलाप रही है जो उसे घातक साबित होने वाला है|