स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना जो मोदी जी पूरा कर रहे हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय भाजपा एवं अन्य हिंदुत्व संगठन के आत्मा के रुप में पूजे जाते हैं। 25 सितंबर 1916 को उनका जन्म मथुरा में हुआ। अल्प आयु में ही उन्होंने अपने मां बाप की छाया गवा दी। परंतु कठिन परिश्रम से उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में M.Ed देसी डिग्री में गोल्ड मेडल हासिल किया। बहुत ही जल्द वह RSS एवं देश की आजादी के क्रांति में शामिल हुए।

पंडित जी एक सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं परंतु विदेशी तकनीकों के हिमायती थे। इसके बावजूद उनका मानना था कि भारतीय संस्कृति में इतनी शक्ति है कि हम खुद ही आत्म निर्भर महाशक्ति एवं गौरववादी राष्ट्र बन सकते हैं।

पंडित जी का मानना था कि भारत की आत्मा हमारे गांव में बसती है, जिस दिन हमारे गांव में आर्थिक एवं सामाजिक क्रांति की मशाल जल जाए यह देश आगे बढ़ जाएगा।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एक ऐसी सरकार चला रहे हैं जिसमें आर्थिक एवं सामाजिक क्रांति की ज्योति जला दी है। जन धन योजना, स्किल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं एवं अनेक कल्याणकारी योजनाओं द्वारा एक सामाजिक एवं राष्ट्र की क्रांति की पहल हुई है। हिंदू संस्कृति की एक नवचेतना आज हर युवाओं में जागृत हुई है जिसका पूरा श्रेय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।

बहुत ही जल्द पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एक जागृत भारत का सपना सफल होता हुआ दिख रहा है। करोड़ों भारतीयों के प्रेरणा स्त्रोत रहे हिंदू संस्कृति के अभिमान एवं गौरव के प्रतीक श्री पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 101 वें जन्म तिथि पर शत शत नमन