शुक्रवार की दोपहर 12:30 बजे भारतीय नौसेना ने फिर से अपने वीरता का प्रमाण दिया|

भारतीय नौसेना के कप्तान डीके शर्मा के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर “जग अमर “नामक भारतीय मालवाहक जहाज जो अदन की खाड़ी से होकर सऊदी अरब पहुंचने वाला था उसे समुद्री लुटेरों ने घेर लिया|

जैसे ही मालवाहक जहाज से यह सिग्नल मिली कि वह खतरे में है, अदन की खाड़ी के करीब स्थित भारतीय नौसेना का त्रिशूल नामक लडाकू जहाज में स्थित जवान हरकत में आ गए| 4000 टन की क्षमता वाले त्रिशूल जहाज से चेतक नामक हेलीकॉप्टर से 12 मरीन कमांडोज ने तुरंत पोजीशन संभालते हुए मालवाहक जहाज पर कार्यवाही करने पहुंच गए|

भारतीय नौ सेना के जवानों को अचानक से देखकर समुद्री लुटेरों के होश उड़ गए और करीब 12 समुद्री लुटेरों ने बिना किसी जवाबी प्रतिक्रिया के ही आत्म समर्पण कर दिया|

नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक समुद्री लुटेरों से आधुनिक एके-47 राइफल से लेकर कई कारतूस और समुद्री लूट को अंजाम देने के लिए अन्य उपयोगी सामान बरामद हुए हैं| मालवाहक जहाज में स्थित 27 भारतीय नागरिकों की जान बिल्कुल सुरक्षित है और जहाज स कुशल मंगल सऊदी अरब की ओर रवाना कर दिया गया था|

अरब सागर और अफ्रीकी महाद्वीप के बीच के सागर वाले इलाकों को समुद्री लुटेरों का गढ़ माना जाता है यहां तेल से लेकर हर जरूरी सामान की डकैती होती है, कई बार समुद्री लुटेरों ने ताकतवर देशो के मालवाहक जहाजों को रोककर उनके नागरिकों को बंदी बनाकर काफी रकम इकट्ठे किए हैं|

इसलिए भारत समेत कई राष्ट्रों ने अदन की खाड़ी के इलाके में अपनी नौसेना का जमावड़ा रखा है ताकि सुरक्षित तरीके से वहां पर व्यापार किया जा सके| 27 भारतीय नागरिकों की जान बचाने वाले हमारे भारतीय नौसेना के वीरों को तहे दिल से सलाम|

जय हिंद