वीरता और साहस का दूसरा नाम भारतीय सेना| दिनांक 9 अक्टूबर को अफ्रीकी देश कांगो में स्थित भारतीय सेना पर “माई -माई” विद्रोहियों ने प्राणघातक हमला किया| यह हमला कांगो के उत्तरी किवु प्रांत में लुबेरो पोस्ट पर हुआ| 

इस हमले में भारतीय सेना के बिहार रेजीमेंट के दो जवान घायल हो गए जिनकी इलाज नजदीकी चिकित्सालय में करा दी गई| खबर है कि करीब 30 से 40 हथियारबंद माई माई विद्रोहियों ने यह हमला अचानक से किया इसके बावजूद अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना के जवानों ने तीन-चार विद्रोहियों को मार गिराया और कईयों को घायल कर दिया|

यहां आपको बता दें कि मध्य अफ्रीकी देश कांगो में कई साल से गृहयुद्ध चल रहा है जिसकी वजह से लाखों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है| इस खूनी खेल से वहां के नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने शांति सेना कई सालों से तैनात की है|

कांगो में संयुक्त राष्ट्र द्वारा भेजी गई इस सेना में भारत के करीब 2700 जवान तैनात हैं| यह जवान उत्तरी किवु के करीब 44,000 वर्ग किलोमीटर इलाके की सुरक्षा करते हैं तथा 1 लाख 80 हजार से ज्यादा आम नागरिकों की देखभाल करते हैं|

संयुक्त राष्ट्र द्वारा दुनिया भर में 11 मिशन पर शांति सेना तैनात रहती है जिसमें से सबसे कठिन कांगो राष्ट्र में शांति स्थापित करना है| संयुक्त राष्ट्र के शांति सुरक्षा सेना में भारत के कुल 7500 से ज्यादा सेनानी एवं 800 के करीब पुलिस अधिकारी और जवान शामिल है|

भारतीय सेना एवं पुलिस सेनानियों को हमारा तहे दिल से नमन।