मेरा मित्र नीलेश पढ़ाई में काफी कमजोर था, दसवीं कक्षा में दो बार फेल हो चुका था| परंतु एक दिन अचानक उसके घर वाले मिठाई बांटने लगे, जब मैंने पुछा तब पता चला कि निलेश अपने ट्यूशन क्लासेस के परीक्षा में ठीक ठाक अंको से पास हुआ है इसी बात का जश्न मनाया जा रहा है|

आजकल कांग्रेस पार्टी में भी कुछ ऐसे ही हालत है| पंजाब की गुरुदास सीट पर कांग्रेस की जीत हुई है| महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुई निकाय चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत| अल्लाहाबाद यूनिवर्सिटी में समाजवादी विद्यार्थी यूनियन की जीत को भी कांग्रेस अपनी जीत के बराबर आ रही है|
पंजाब में हुई जीत को नवजोत सिंह सिद्धू राहुल गांधी की जीत बता रहे हैं और उनको दिवाली के पहले गिफ्ट देने वाली बात कर रहे हैं| खबर तो यह भी है कि शहजादे को दिवाली के बाद लॉन्च किया जाएगा| वैसे शहजादे को कई बार लांच किया गया है परंतु इस बार का लॉन्च सीधे कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का होगा| इस खबर पर बाद में आता हूं पहले कांग्रेस की जीत की सच्चाई आपको समझा देता हूं|

1. महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए निकाय चुनाव से कांग्रेस जो गदगद हुई है उसके पीछे भी उसकी हार का चेहरा उसे दिखाई नहीं दे रहा| वहां महाराष्ट्र के प्रमुख कांग्रेसी नेता अशोक चौहान की जीत हुई है जिनकी आज कल गांधी परिवार से कुछ अच्छी नहीं बनती, यहां आपको एक बात और समझ लेना चाहिए कि नांदेड में BJP की बढ़त हुई है और संपूर्ण महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में बीजेपी नंबर वन पार्टी रही है|

2. गुरुदासपुर सीट पर बीजेपी अपने गलतियों के कारण हारी है, और जीत कांग्रेस की नहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह की हुई है| जी हां आप ठीक समझ रहे हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह की भी इस समय गांधी परिवार से कुछ खास नहीं जम रही| इसीलिए राहुल गांधी के चमचे नवजोत सिंह सिद्धू ने तुरंत इसे राहुल गांधी की जीत करार दी ताकि अमरिंदर सिंह इस जीत का श्रेय नहीं ले जाएं|

3. इलाहाबाद के विश्वविद्यालय चुनाव में समाजवादी छात्र संघ की जीत से खुश हो ना कांग्रेसियों द्वारा कुछ ऐसा ही है जैसे किसी के घर बच्चा पैदा होने पर छक्कों द्वारा जश्न मनाना हुआ इसीलिए इस पर मैं कुछ ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा|

अब बात करते हैं राहुल बाबा की ताजपोशी पर, अंधों के देश में काना राजा तो सुना होगा, परंतु कांग्रेस में कानों के देश में अंधा राजा के चयन करने की पुरानी परंपरा है| वहां कमलनाथ और कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे पुराने काबिल कांग्रेसी नेता इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं है| दूसरी तरफ कई घोटालों में फंसे चिदंबरम पहले से ही कांग्रेस नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं, नाराजगी भी उनकी इस बात पर है कि एक तरफ तो कांग्रेस गांधी के घोटालों के साथ खड़ी नजर आ रही है परंतु उनके साथ एवं उनके पुत्र कार्तिक के साथ ना तो कोई कांग्रेसी दे रहा है और ना ही गांधी परिवार|

दूसरी तरफ भाजपा इस बात से खुशी मना रही है कि अगर शहजादे की ताजपोशी हुई तो इसका भरपूर फायदा वह उठा सकती है| परंतु भाजपा को भी अपना किला मजबूत कर लेना चाहिए क्योंकि मैं पहले से ही यह मानता हूं कि भाजपा अगर हारी तो अपनी गलतियों से हारेगी क्योंकि वर्तमान राजनीति में मोदी और अमित शाह के नेतृत्व को चैलेंज करने वाला कोई नहीं है|