“बुरी ताकतों को हमेशा काबू में रखें,अच्छी ताकतें अपने आप विजय हो जाएगी,” गुरू शुक्राचार्य की इस वाणी को चाणक्य ने हमेशा अपनाया था| भारत मैं वर्तमान राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी कुछ ऐसी ही नीतियों के तहत काम करते हैं|

अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1953 मुंबई में हुआ उनके पिता अनिल चंद्र शाह का PVC पाइप का छोटा कारोबार था| परंतु अमित शाह जी ने अपनी पढ़ाई गुजरात से की और विज्ञान से स्नातक स्तर की पढ़ाई की| बचपन से ही RSS की शाखाओं में जाने वाले अमित शाह की पहली मुलाकात नरेंद्र मोदी से 1982 अहमदाबाद में हुई| उस समय नरेंद्र मोदी प्रचारक के रुप में युवा पीढ़ी पर ध्यान दे रहे थे|

इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से लेकर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा और वर्तमान भाजपा अध्यक्ष तक का उनका सफ़र काफी मेहनत भरा और चुनौतीपूर्ण रहा| वैसे तो अमित शाह जी ने 1991 में आडवाणी जी के चुनाव प्रचार में काफी महत्वपूर्ण योगदान किया| परंतु उनका असली योगदान तो गुजरात में कांग्रेस के संपूर्ण खात्मे की ओर रहा है| 1995 में केशुभाई पटेल की भाजपा सरकार के दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने गुजरात में से कांग्रेस की  नीव खत्म कर दी| फिर चाहे वह ग्राम स्तरीय चुनाव हो यहां सहकारी बैंकों के मंडल हर तरफ शाह और मोदी की जोड़ी ने अपना परचम लहराया तथा कांग्रेस को नेस्तनाबूद कर दिया|

यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान की नजरों में शाह और मोदी हमेशा एक खतरा बने रहे| 2004 में केंद्र में शासन पाने वाली कांग्रेस ने ताबड़तोड़ नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह के ऊपर झूठे मामलों में फंसाने की पूर्ण कोशिश की| फिर चाहे वह फर्जी एनकाउंटर केस हो या फिर जासूसी कांड अमित शाह को प्राइम टारगेट बना दिया गया| जेल में बिताए हुए दिन को अमित शाह याद करते हुए कहते हैं कि गीता के श्लोकों को बोल कर उन्होंने कसम खाई थी कि भारत को कांग्रेस मुक्त बना देंगे| जिस देश में आतंकवाद एक प्रमुख समस्या है उसी देश में एक इस्लामिक आतंकवादी को मार गिराने के लिए किसी राज्य के गृह मंत्री को जेल जाना पड़े इससे बड़ी शर्मनाक बात क्या हो सकती है| अमित शाह का मानना है कि जेल में बिताए हुए शर्म उनको हमेशा यह प्रेरणा देते रहें कि अपने दुश्मनों को पहचान कर उन्हें ध्वस्त कैसे किया जाए तथा उनमें और भी शक्ति जागृत हुई|

2014 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के पीछे अमित शाह का चाणक्य दिमाग काम आया| उत्तर प्रदेश में 80 में से 73 सीट पर भाजपा को मिली जीत अमित शाह जी के जमीनी स्तरीय रणनीति की वजह से हुई| और इसके बाद 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हुई भाजपा की सुनामी जीत भी उनके सफल रणनीति का परिणाम है| यहां आप एक बात जान ले कि एक समय की हिमालय की चोटी जैसी विशाल दिखने वाली कांग्रेस पार्टी को धराशाई करने में अमित शाह का सबसे बड़ा योगदान रहा|

गुजरात चुनाव के प्रचार के दौरान एक बार 1990 में अहमदाबाद के रेस्टोरेंट में अमित शाह ने नरेंद्र मोदी जी को कहा था कि आप एक दिन देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे| 2014 में अमित शाह की कही गई वह बात सत्य हुई और उस बात को सत्य बनाने में सबसे बड़ा योगदान भी अमित शाह जी का ही रहा| भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में कोई भी संदेह नहीं होना चाहिए ऐसा उनका मानना है, वह यह भी कहते हैं कि भारतीय युवा पीढ़ी को हर धर्म हर सामाजिक एवं राजनीतिक विचारधारा को बारीकी से अध्ययन करना चाहिए ऐसा करने से ही उनको हिंदू संस्कृति और हमारी विचारधाराओं महानता का ज्ञात होगा|

हालांकि उनके राजनीतिक विरोधी उनको एक तानाशाह के रूप में मानते हैं परंतु गुप्त योजनाओं को गुप्त रखने में माहिर और उसे पूर्ण करने में महारत हासिल अमित शाह जी को आप वर्तमान भारतीय राजनीति का चाणक्य नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे? भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अमित शाह जी को उनके जन्मदिवस पर बहुत सारी मंगल शुभकामनाएं