आमतौर पर भारतीय सेना इस प्रयास में रहती है कि दीपावली, दशहरा जैसे बड़े त्योहारों पर देश की सीमाएं शांत रहे और देशवासी अमन- चैन से अपना पर्व मना सके। लेकिन पाकिस्तान की हमेशा यह कोशिश रहती है कि वह त्यौहार के दिन माहौल बिगाड़े।

ऐसा ही कुछ 1961 में दीपावली पर हुआ था, लेकिन भारत के जांबाज जवानो ने पाकिस्तानी सैनिको को मुहतोड़ जवाब भी दिया और दीपावली भी मनाई।

किस्सा जम्मू कश्मीर के आरएसपुरा सेक्टर का है। भारत की इस प्रमुख सैन्य चौकी के आस पास कई गांव होने से सेना पर स्वयं के साथ साथ गावो की रक्षा की जिम्मेदारी भी थी।

इस बीच दीपावली आई और देश में उत्सवी उल्लास का माहौल बनने लगा। मगर एन दीपावली के एक दिन पहले पाकिस्तानी सीमा से फायरिंग होने लगी। सेना के जवान इसके लिए तैयार थे, मगर फिर भी टकराव टालने के लिए पाकिस्तानी चौकी को सन्देश भेजा गया कि वो फायरिंग रोके।

मगर पाकिस्तानी चौकी से फायरिंग को लेकर व्यंग करता जवाब आया कि -“जनाब दीपावली नहीं मनाओगे”

तब आरएसपुरा चौकी ने भी जवाब दिया “अब तो दीपवाली जरूर मनाएंगे।”

इस पर भारतीय सैनिको ने ग्रामीणों को बंकरो में सुरक्षित किया और फिर भारतीय सेना ने वो जवाबी कार्यवाई की कि पाकिस्तानी सैनिको के होश फाख्ता हो गए। करीब तीन घंटे बाद पाकिस्तान की ओर से संदेशा आया- फायरिंग बंद कर दीजिये।

तब भारतीय सैनिको ने कहा – “शुभकामनाये नहीं स्वीकरोगे”

इसके बाद से पाकिस्तान की ओर से फायरिंग तुरंत बंद हुई ओर इधर भारतीय सैनिको ने आरएसपुरा के बंकरो में बंद ग्रामीणों को अपने घर लौटने और दीपावली मनाने का सन्देश भेज दिया।