महाराष्ट्र में तोड़ फोड़ और आगज़नी का अंजाम देने के बाद जब “भारत तेरे टुकड़े होंगें” के नेता सदस्य ‘जिगनेश मेवानी’ चेन्नई पहुँचे तो रिपब्लिक टी वी का माईक देखकर, उनको ऐसे ग़ुस्सा आया जैसे एक असामाजिक तत्व को पुलिस को देखकर आता है।

हुआ यूँ कि आज मेवानी अपना भारत विरोधी आंदोलन का मंशा लेकर चेन्नई में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने पहुँचे। रिपब्लिक टी वी का माईक देखते ही वो आगबबुला हो उठे। मेवानी के हाव भाव को देखकर ऐसा लगा जैसे रिपबलिक टी वी उनके भारत विरोधी आंदोलन का भांडा तभी के तभी फोड़ देगी। रिपबलिक टी वी के संभावित प्रश्नों से मेवानी को इतना डर लगा कि उन्होंने तुरंत रिपबलिक टी वी के माईक हटाने की माँग की।

मेवानी ये भुल गये कि ये दिल्ली की लुटियन मीडिया नहीं है जो भारत विरोधी आंदोलन में उनका भरपूर साथ देगी। ये चेन्नई की मीडिया है जो प्रेस की नैतिकता का पालन करते हुऐ रिपबलिक टी वी के साथ खड़ी रही और मेवानी को सख़्ती से कहा कि वो रिपबलिक टी वी को अलग कर बाहर निकाले जाने की माँग नहीं रख सकते। फिर भी मेवानी अपने ग़लत माँग पर अड़े रहे, तो चेन्नई की मीडिया भी टस से मस नहीं हुई। और इस तरह मेवानी का प्रेस कॉन्फ़्रेंस रद्द हो गया। इसे कहते हैं: चेन्नई मीडिया द्वारा मेवानी के अभिमान को एक ज़ोरदार थप्पड़।

एक बात तो कहना पड़ेगी: चेन्नई मीडिया की जगह अगर दिल्ली की लुटियन मीडिया होती तो रिपब्लिक टी वी के पत्रकार को ख़ुद ही गेट के बाहर कर देती।