भगवान राम पर विवादित टिप्पणी करने वाले कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने माफी मांग ली है, लेकिन साथ ही कहा है कि उनके माफी मांगने के साथ ये बात खत्म हो गई है और इसके लिए राहुल गांधी पर सवाल नहीं करना चाहिए।

इससे पहले तीन तलाक पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि ‘महिलाओं से सभी समुदायों में गलत तरीके से व्यवहार किया जाता है। न केवल मुस्लिम, यहां तक कि हिंदू, ईसाई, सिख आदि में भी, हर समाज में पुरुष वर्चस्व है, यहां तक की श्रीराम ने भी संदेह के चलते सीता जी को छोड़ दिया था, तो हमें पूरी तरह से बदलने की जरूरत है’।

विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने माफी मांग ली, हुसैन दलवई ने कहा, ‘मैंने जो कहा वो गलत था, मैं माफी मांगता हूं, मैं किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं चाहता था।

इसे जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया गया, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘जब मैंने माफी मांग ली है तो फिर राहुल गांधी क्यों माफी मांगे।’

बीजेपी ने उनके इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की और उनके इस बयान की निंदा की। बीजेपी नेताओं ने उन पर कार्रवाई की भी मांग की है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि हुसैन दलवाई को पहले ग्रंथों का अच्छी तरह अध्ययन कर लेना चाहिए और उसके बाद किसी तरह की टिप्पणी करनी चाहिए। स्वामी ने यह भी कहा कि राम और सीता की यह कहानी संस्कार और बलिदान की है।

हालांकि अब दलवई ने कहा है कि उनके माफी मांगने के बाद इस बात को यही खत्म कर देना चाहिए और इस पर आगे कोई विवाद नहीं होना चाहिए।