प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 14 जनवरी को नई दिल्ली में प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल एवार्ड प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार यह पुरस्कार तीन आधार रेखा ‘पीपुल, प्रॉफिट और प्लानेट’ पर केन्द्रित है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष किसी देश के नेता को प्रदान किया जायेगा।

पुरस्कार के प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि नरेन्द्र मोदी का चयन ‘‘देश को उत्कृष्ट नेतृत्व’’ प्रदान करने के लिये किया गया है। इसके अनुसार, ‘‘अथक ऊर्जा के साथ भारत के लिये उनकी निःस्वार्थ सेवा की वजह से देश ने बेहतरीन आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिकीय विकास किया है।’’

प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब नवाचार और मूल्यवर्धित विनिर्माण (मेक इन इंडिया) के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केन्द्र के रूप में उभरी है।

प्रशस्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से सामाजिक लाभ और वित्तीय समावेशन के लिये विशिष्ट पहचान संख्या, आधार सहित डिजिटल क्रांति (डिजिटल इंडिया) हो सकी।

प्रशस्ति  के अनुसार इसमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसी पहलों की चर्चा की गयी है, जिससे ‘‘भारत पूरी दुनिया के सबसे आकर्षक विनिर्माण एवं व्यापार केन्द्रों में से एक के रूप में उभरा है।’’

प्रोफेसर फिलिप कोटलर नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के एक विश्व प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं।

बीमारी की वजह से प्रोफेसर कोटलर ने अमेरिका के जॉर्जिया में इमोरी यूनीवर्सिटी के डॉ. जगदीश सेठ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुरस्कार प्रदान करने के लिये भेजा है।