मोदी सरकार लगातार युवाओं को आकर्षित करने के लिए नई-नई स्कीमों से जोड़ने की कोशिश कर रही है। अब मोदी सरकार ने एक और फ्लॉप स्कीम को हिट बनाकर लोगों को बिजनेसमैन बनाने की शुरुआत की है। इससे पहले भी ईनामी योजना और आइडिया देकर कमाने जैसी योजनाओं से पीएम युवाओं को आकर्षित करते रहे हैं।

खास बात ये है कि पीएम मोदी ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कारोबार करने का मौका देना चाहते हैं। ऐसी ही पीएम की महत्वाकांक्षी स्कीम है भारतीय जनऔषधि केंद्र, मोदी सरकार ने न सिर्फ इस फ्लॉप स्कीम को हिट किया, बल्कि इसी स्कीम के जरिए हजारों लोगों को हर महीने 25 से 30 हजार रुपए कमाई करने का मौका भी दे रही है।

UPA सरकार ने शुरू की थी स्कीम
भारतीय जनऔषधि केंद्र की स्कीम यूपीए सरकार ने शुरू की थी। हालांकि, उस दौर में स्कीम फ्लॉप साबित हुई, नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद सरकार ने इसे अपनी महात्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल किया। इसका सीधा उद्देश्‍य था कि आम आदमी खुद कारोबार करके कमाई कर और बेरोजगारी दूर हो।

पिछले कुछ समय में लोगों ने स्कीम से जुड़कर कमाई शुरू की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक इस योजना की मदद से 2,500 से ज्यादा सस्ती दवाओं की दुकान खुल चुकी हैं। योजना की खास बात ये है कि जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार 2.5 लाख रुपए की ग्रांट भी देती है। आपके पास भी मौका है कि इस स्कीम से जुड़कर हर महीने 30 हजार रुपए तक कमाएं।

योजना में कैसे होगी कमाई
जनऔषधि केंद्र से आप महीने में जितनी दवाओं की बिक्री करेंगे, उसका 20 फीसदी कमिशन के रूप में आपको मिलेगा। मार्जिन के अलावा सरकार मंथली सेल पर 10 फीसदी का इंसेंटिव भी देगी। इंसेंटिव और कमिशन दोनों आपके बैंक खाते में आएगा,  इस तरह आपको डबल मुनाफा होगा। मसलन, अगर आप एक महीने में 1 लाख रुपए तक की दवा बेचते हैं तो उसे मंथली 25 से 30 हजार रुपए तक इनकम होगी, कमिशन की कोई लिमिट नहीं है, जितनी दवा सेल होगी, कमिशन उतना ज्यादा होगा, हालांकि, इंसेंटिव की लिमिट अधिकतम 10 हजार तय की गई है।

सरकार करेगी 2.5 लाख रुपए की मदद
जनऔषधि केंद्र खोलने में कुल खर्च 2.5 लाख रुपए तक आएगा, योजना के तहत केंद्र खोलने के लिए 2.5 लाख रुपए की सरकारी सहायता आपको मिलेगी। सेंटर खोलने वालों को सरकार की ओर से 650 से ज्यादा दवा उपलब्ध कराई जाएंगी, इसके लिए लगने वाली आवेदन फीस और प्रॉसेसिंग फीस भी खत्म कर दी गई है।

कैसे होगी 2.5 लाख की मदद
सेंटर शुरू करने पर दवाओं का पहला स्टॉक आपको खरीदना होगा। इसके लिए 1 लाख रुपए का स्टॉक लेना होगा, हालांकि, बाद में सरकार इस 1 लाख रुपए को रीइंबर्स कर देगी। केंद्र के इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्रीज जैसे सामान खरीदने के लिए सरकार अलग से आपको 1 लाख रुपए देगी। जनऔषधि केंद्र में कंप्यूटर सेटअप के लिए 50 हजार रुपए तक का पैसा सरकार रीइंबर्स करेगी, इस तरह आपकी 2.5 लाख रुपए की लागत वापस मिल जाएगी।

कैसे कर सकते हैं आवेदन
स्टोर खोलने के लिए आपके पास रिटेल ड्रग बिक्री का लाइसेंस होना जरूरी है। लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से होना चाहिए। जो लोग स्टोर खोलना चाहते हैं, उन्हें http://janaushadhi.gov.in/ से  फार्म डाउनलोड करना होगा। एप्लीकेशन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (A&F) के नाम से Bureau of Pharma Public Sector Undertakings of India(BPPI) 8th Floor, Videocon Tower, Block E-1, Jhandewalan Extension, New Delhi-110055 पर भेजना होगा।

योजना का लाभ किसे मिलेगा
योजना का लाभ उठाने के लिए चार कैटेगरी में बांटा गया है।

पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर स्टोर खोल सकेगा।

दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को स्टोर खोलने का मौका मिलेगा। वहीं तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा नॉमिनेट की गई एजेंसी होगी, दुकान खोलने के लिए 120 वर्गफुट एरिया में दुकान होनी जरूरी है।