एक समझदार राजा वही होता है जो अपनी प्रजा की सोच को समझकर और नापतोल कर अपना राजपाट चलाएं| सिर्फ राजपाट चलाना ही नही, उस राज्य को सही दिशा प्रदान करना भी राजा का कर्तव्य होता है|

खैर, यह तो रही राजा रजवाड़ों की बात, अब बात करते हैं प्रजातंत्र और भारत के वर्तमान राजनीति की|यह बात खुलेआम कहना होगा कि मोदी सरकार एक आम जनमानस की सरकार है या एक कदम आगे बढ़कर मैं यह भी कहूंगा एक आम हिंदू की सरकार है| भारत के लोकतंत्र में यह शायद पहली बार देखा गया कि प्रधानमंत्री अपने आप को देश का प्रधान सेवक कहकर भारत की जनता में एकदम घुल मिल गया है और वह जनता की नब्ज पहचानता है और जैसी भी परिस्थितियां हो उन्हें सोच समझकर कर कदम उठाता है|

तो बिना लाग-लपेट किए हुए आप यह समझ लीजिए कि हिंदू जन भावनाओं को समझते हुए और देश में सामाजिक न्याय को ध्यान रखते हुए मोदी सरकार ने सबसे बड़ा कदम या यू कहूंगा की साहसी कदम उठाया है| 1932 से चली आ रही मुस्लिम तुष्टिकरण राजनीति की पहचान बने हज सब्सिडी को खत्म करके आज मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया कि वाकई में मोदी जी का 56 इंच का सीना है| परंतु आप मोदी को इतना कच्चा खिलाड़ी मत समझिए उन्होंने यह कदम काफी सोच समझकर उठाया होगा|

आइए कुछ महीने पीछे चल कर उत्तर प्रदेश के चुनाव के नतीजे देखते हैं| भाजपा एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं देती है और उत्तर प्रदेश के चुनाव के नतीजे आप सबको पता है| यह बात अब साफ साफ दिखाई दे रही है कि भाजपा को समझ में आ गया है कि उससे सबसे ज्यादा जरूरत हिंदू शक्ति, हिंदू एकता की है|

और अगर विकासशील और हिंदूवादी सरकार बने जिसका फायदा हर धर्म और वर्ग के लोगों को पहुंचता हो तो भाजपा के लिए यह बहुत ही अनुकूल माहौल होगा कि एक तरफ उसका वोट बैंक तो उसके साथ रहेगा, और दूसरी तरफ अगर बिना किसी तुष्टिकरण की राजनीति किए हुए उसे अन्य धर्म के लोगों का भी साथ मिले तो इसे बोनस माना जाएगा| 2012 के कोर्ट के फैसले के बाद भी जो कदम कांग्रेस सरकार नहीं उठा पाई मोदी सरकार ने वह दम दिखाया बिना किसी वोटबैंक की परवाह किए हुए एक झटके में हज सब्सिडी बंद कर दी| सरकार ने यह भी कह दिया है कि सब्सिडी में इस्तेमाल होने वाली रकम को अब मुस्लिम कन्याओं के शिक्षण पर खर्च किया जाएगा|

यकीन मानिए मोदी सरकार ने ऐसा कदम उठा कर विरोधियों के मुंह में ऐसा छछूंदर घुसा दिया है जो ना निकले बन रहा है ना उगले| आपको यह समझ लेना चाहिए कि भारत मात्र एक ऐसा राष्ट्र है जहां हज पर सब्सिडी दी जाती थी, और आप यह भी जान लीजिए कि इस्लामिक कानून के अनुसार सब्सिडी की सुविधा लेकर हज पर जाना गैर-इस्लामिक है| अब कांग्रेस समेत पूरी लिबरल दल तिलमिलाए हुए हैं, एक तरफ तो उनको हिंदू वोट बैंक फिर से भाजपा की ओर खड़ा दिख रहा है तो दूसरी तरफ, मुस्लिम समाज की महिलाएं और समूचा मुस्लिम समाज इस फैसले से दो धड़े में बट चुका है|

यानी चिट भी मेरी और पट भी मेरी वाली कहानी हो गई| यह तो आने वाला भविष्य बताएगा कि मोदी सरकार का यह फैसला उनके वोट पर कितना असर डालेगा| परंतु 56 इंच सीने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बहुत ही साहसी कदम माना जाएगा| मैं उन्हें हाथ जोड़कर नमन करूंगा कि उन्होंने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति को अब समाप्त करने की घोषणा कर दी है आगे आगे देखिए मोदी जी के पिटारे से अब बहुत से ऐसी फैसले निकलने वाले हैं|