अयोध्या  में  राम  मंदिर निर्माण के लिए तमाम हिंदू संगठनों का स्वर तेज हो गया है । मोदी सरकार की सहयोगी पार्टियां भी मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर अध्यादेश लाने का दबाव बना रही हैं । आगामी 25 नवंबर को अयोध्या में ‘धर्मसभा’ होने जा रही है ।

संतों की अपील पर बुलाई गई इस धर्मसभा में तमाम हिंदूवादी संगठन भी शामिल हो रहे हैं, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल प्रमुख हैं । शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी 25 नवंबर को अयोध्या जा रहे हैं ।

इसी कड़ी में प्रतापगढ़ के अंतु थाना इलाके के रहने वाले सियाराम ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए एक करोड़ का चेक दिया है ।

जानकारी के मुताबिक राम मंदिर के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का चेक देने वाले सियाराम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह संघ चालक हैं । उन्होंने ये चेक राम मंदिर के निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद के नाम दिया है । एक करोड़ के दान के बाद जिले भर में वो चर्चा का विषय बने हुए हैं ।

वहीं, इस बीच राम मंदिर के लिए चल रही कोशिशों के बीच बाबरी ढांचा पक्ष के पैरोकार मो इकबाल अंसारी का बड़ा बयान आया है । उन्होंने कहा कि बीजेपी राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाना चाहती है तो बनाए, हमें कोई एतराज नहीं है

हम कानून का आदर करने वाले लोग हैं पर देश का अमन-चैन सुनिश्चित रहना चाहिए । शिवसेना एवं विहिप के प्रस्तावित कार्यक्रमों के विरोध में आयोजित सभा में शिरकत करने आए इकबाल ने मीडिया से कहा कि कोई भी मुसलमान कभी फसाद नहीं चाहता, हम देश का नुकसान भी नहीं चाहते ।

इस दौरान उन्होंने अयोध्या में भीड़ जुटाने के लिए शिवसेना और विहिप पर सवाल भी खड़े किए हैं । उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद पर राजनीति बंद होनी चाहिए ।