हमारे एक चाचा की बारात गोरखपुर से जौनपुर की तरफ जा रही थी| एक अंबेसडर कार, एक जीप और एक बस भरकर बराती गांव से निकल पड़े| परंतु यह क्या? हर गाड़ी में हथियारबंद बंदूकधारी सूरमा भी बैठे थे| यह मेरे लिए कोई नई बात नहीं थी, उत्तर प्रदेश का हर बच्चा जानता है कि लाइसेंसी या गैर लाइसेंसी हथियार रखना एक रसूख का सवाल है, और अपनी सुरक्षा हेतु एक जरूरतमंद चीज भी है|

जब मैं मुंबई में अपने किसी गुजराती या मारवाड़ी व्यापारियों से उत्तर प्रदेश में उद्योग की बात करता था तो बड़े डरे-सहमे से एक जवाब मिलती थी, क्या बात कर रहे हो भाई यूपी में जाने से डर लगता है| ऐसा नहीं है कि यूपी में कारोबार नहीं होता परंतु बड़े ही डर के वातावरण में व्यापार होता था|

परंतु 21 और 22 फरवरी को जो हमने देखा वह काफी ऐतिहासिक था और आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था| जिस उत्तर प्रदेश में एक मामूली व्यापारी डर के माहौल में अपना धंधा चला रहा हो| वहां भला देश के जाने माने उद्योगपति 5 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं स्थिति को समझने के लिए यूपी को समझने के लिये और यहां की राजनीति में हुए एक बड़े फेरबदल को समझने की जरूरत है।

11 मार्च 2017 में जब भाजपा की यूपी में एक ऐतिहासिक जीत हुई एवं 18 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली तो परिस्थितियां काफी गंभीर , और वातावरण एकदम निराशा और अराजकता का माहौल था| जहां एक ओर उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत ही पिछड़ा जगह माना जाता तो दूसरी तरफ उद्योग का ग्राफ भी काफी नीचे चल रहा था| लूट, हत्या, अपहरण, डकैती एवं बलात्कार आम बात थी|

परंतु सिर्फ 11 महीने में ऐसा कौन सी परिस्थितियां बदल गई जिससे कि उद्योग जगत आज यूपी में इतनी रुचि दिखा रहा है आइए इस चीज को समझते हैं|

1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुरू से ही इस पक्ष में रहे हैं कि अगर प्रदेश में स्थिरता और उद्योग को बढ़ावा देना है तो भयमुक्त वातावरण होना काफी आवश्यक है| इसीलिए अपराधी एवं अराजक तत्वों पर पुलिसिया कार्रवाई को सबसे सख्त कर दिया गया| पुलिस को खुली छूट देकर एक साफ संदेश दे दिया गया कि जो तत्व कानून के दायरे में रहकर कानून का पालन करना चाहते हो तो ठीक है वरना जो गोलियों की भाषा समझते हैं उनको उसी तरह से जवाब दिया जाए| यहां आपको यह समझ लेना चाहिए कि अगर किसी शहर में कोई मॉल या अन्य उद्योग डालने हो तो सबसे ज्यादा जरूरी है कि वहां काम करने वाला कोई भी महिला और पुरुष किसी भय भरे वातावरण में ना रहे|

2. सड़क और बिजली एक ऐसी बुनियादी चीज है जो किसी भी प्रदेश के विकास के लिये ज़रूरी होता है और वहां पर निवेशकों को खींचती है| उत्तर प्रदेश के चरमराई हालत को सुधारने में सड़क और बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया और पिछले 11 महीनों में काफी हद तक इसमें सफलता पाई गई| इस वजह से उद्योग जगत को यहां पर एक अच्छा अवसर दिख रहा है निवेश करने के लिए|

3. ब्यूरोक्रेसी और आम जनता की वर्क कल्चर को सुधारने के लिए भी काफी सारे कदम उठाए गए| प्रदेश में औद्योगिक जगत को बढ़ावा देने के लिए किसी भी फाइल को आसानी से पास किया जाएगा, एवं हर एक प्रोजेक्ट की निगरानी रखने और उसको सुचारु रुप से पास करने की समय सीमा भी तय होगी| साथ ही साथ सुस्त पड़े हुए सरकारी कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है जिससे एक साफ संकेत दिया कि अगर आप सरकार से वेतन लेते हैं तो आपको ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक अपना कार्य भी करना होगा|

4. झांसी, गोरखपुर, बनारस, इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर और ऐसे अन्य बड़े शहरों को विकसित करने के लिए सरकारी योजनाओं को लाना और उसे सफलतापूर्वक लागू करना, यह योगी सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी रही है| ट्रांसपोर्ट सिस्टम मैं भी काफी अच्छी सुधार कि गई हैं| अयोध्या, गोरखपुर, बनारस, मथुरा और आगरा जैसे शहरों को टूरिज्म का केंद्र बनाने की सरकार की कोशिश सही दिशा में चल रही है| उत्तर प्रदेश के लिए एक बार यह भी कहा जाता था कि यह सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला प्रदेश है, योगी सरकार कुछ इस तरह से योजनाएं ला रही है कि इस जनसंख्या की ताकत को व प्रदेश के विकास के लिए इस्तेमाल कर सकें| और इसी कोशिश में उन्होंने अब प्रदेश को एक ऐसा मॉडल दिया है जो उद्योग जगत को काफी भा रहा है| यह बात अलग है कि 5 लाख करोड़ के एमओयू सिर्फ अभी हस्ताक्षर हुए हैं|

हजरत इसका आधा रकम भी प्रदेश में निवेश के तौर पर आ जाए तो उत्तर प्रदेश जो कि भारत का सबसे पिछड़ा और सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला प्रदेश माना जाता था उसकी जीडीपी ग्रोथ काफी अच्छी होगी जिससे भारत की जीडीपी ग्रोथ में भी इजाफा होगा| इस बात का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के कर्मठ मुख्यमंत्री योगी जी को जाता है।

आज के दिन भाजपा की हिंदुत्व और विकास की छवि वाले राजनीति की सबसे बड़ी झांकी अगर किसी को देखनी हो तो उसे यूपी जाना चाहिए|