जहां अभी तक हज सब्सिडी खत्म किए जाने पर भगदड़ मची हुई है, वही यह खबर कुछ सेक्यूलर लोगों को रास नहीं आएगी| अल्पसंख्यक मंत्रालय ने देश के उत्तरी राज्यों के अल्पसंख्यक मामलों के लिए एक समिति बनाई है, जिसका अध्यक्ष यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बनाया गया है|

18 जनवरी को लखनऊ में होने वाले इस बैठक मैं अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी शामिल होंगे| जिस तरह से हज सब्सिडी को अब मुस्लिम कन्याओं के शिक्षण पर खर्च होंगे, उसी तरह से बाक़ी पुरानी योजनाओं पर भी पुनर्विचार होगा और यह तय होगा कि बिना किसी तुष्टिकरण के या वोट बैंक की चिंता किए बगैर किस तरह से सरकारी पैसे खर्च किए जाए, जिससे अल्पसंख्यकों का भी सही ढंग से विकास हो|

हिंदुत्ववादी छवि के लिए माने जाने वाले यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ शुरू से ही किसी भी प्रकार के तुष्टीकरण का विरोध करते आए हैं| “सबका साथ सबका विकास और किसी की भी तुष्टिकरण ना हो” इस विचारधारा को आगे बढ़ाने की दिशा में वो हमेशा अग्रसर रहे हैं|

हां यह बात जरूर है कि योगी जी का नाम सुनते ही कांग्रेस और कई सारे सेक्युलर ब्रिगेड को सांप सूंघ जाएगा|